मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु बाढ़ की चपेट में, तीन बच्चों की मौत – एक अधेड़ लापता जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की रिपोर्ट

मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु बाढ़ की चपेट में, तीन बच्चों की मौत – एक अधेड़ लापता
जिला ब्यूरो चीफ जीशान अंसारी की रिपोर्ट
बेलगहना (बिलासपुर)।भनवारटंक स्थित मरही माता मंदिर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए सोमवार का दिन दर्दनाक साबित हुआ। अचानक आई बाढ़ ने श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई, जबकि एक अधेड़ व्यक्ति अब भी लापता है।
चौकी प्रभारी बेलगहना राज सिंह ने बताया कि हादसा सोमवार शाम उस समय हुआ जब श्रद्धालु नाला पार कर रहे थे। अचानक भारी बारिश से नाले में तेज बहाव आ गया और कुछ लोग उसमें बह गए।
हादसे में जान गंवाने वालों में –
मिथनस ध्रुव (5 वर्ष), निवासी भाटापारामुस्कान ध्रुव (13 वर्ष), निवासी परसदा बिलासपुर,गौरी ध्रुव (12 वर्ष), निवासी बिटकुली ग्राम, बलौदा बाजार
शामिल हैं। तीनों के शव पुलिस ने बरामद कर अग्रिम कार्यवाही के लिए कोटा भेज दिए हैं। वहीं, बलराम ध्रुव (45 वर्ष) निवासी बिटकुली अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश पुलिस व रेस्क्यू टीम कर रही है।घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार बेलगहना, पुलिस बल व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। इसके साथ ही एस.डी.आर.एफ. की टीम को भी मौके पर रवाना कर दिया गया है, जो लापता व्यक्ति की खोजबीन में जुटेगी।
स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि यह पूरा इलाका पहाड़ी और जंगलों से घिरा हुआ है। बरसात के मौसम में यहां के नाले अचानक उफान पर आ जाते हैं, जिससे ऐसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सोमवार की घटना का मुख्य कारण भी यही बताया जा रहा है।पुलिस ने हादसे की जानकारी मृतकों के परिजनों को दे दी है और शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
ग्रामीणों व श्रद्धालुओं का कहना है कि ऐसे स्थानों पर वन विभाग और मंदिर समिति को चेतावनी बोर्ड व सूचना पटल लगाने चाहिए, ताकि लोग सतर्क रह सकें और भविष्य में ऐसी घटनाओं को टाला जा सके। यह हादसा प्रशासन और मंदिर समिति दोनों के लिए एक चेतावनी है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
















